10 अक्तूबर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका मुख्य सूत्रधार बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति को इस मामले से जुड़े सबूत सौंपेगा और कार्रवाई की मांग करेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने वोट चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने दोबारा चुनाव कराने और ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की। खड़गे के अनुसार, राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से इन आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातें सुनीं और सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और संविधान की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विपक्षी नेता इस संबंध में राष्ट्रपति को सबूत भी सौंपेंगे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने से रोक दिया गया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर प्रदर्शन करने का फैसला किया, जहां भी उन्हें रोके जाने का दावा किया गया। राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी गठबंधन अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा।