27 जून : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से शिष्टाचार भेंट कर हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की वैध 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत हिमाचल प्रदेश तत्कालीन अविभाजित पंजाब का उत्तराधिकारी राज्य है और हस्तांतरित क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुपात में चंडीगढ़ में हिस्सेदारी का अधिकार रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ के विकास में अविभाजित पंजाब के संयुक्त संसाधनों का उपयोग हुआ, लेकिन पिछले कई दशकों से पंजाब और हरियाणा इसकी परिसंपत्तियों और प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश अब तक अपने अधिकार से वंचित है।
बैठक में चंडीगढ़ में अतिरिक्त हिमाचल सदन के निर्माण का विषय भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन के साथ विचार-विमर्श के बाद सेक्टर-52 में 4.736 एकड़ भूमि इसके निर्माण के लिए चिन्हित की गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से संबंधित लंबे समय से लंबित देयों के शीघ्र निपटारे और शानन जलविद्युत परियोजना का मुद्दा भी राज्यपाल के समक्ष प्रमुखता से रखा।