24 जून : उत्तर भारत के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेला की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 26 जून से शुरू होने वाले इस भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण मां शूलिनी की पारंपरिक शोभायात्रा होगी। प्रशासन और मेला समिति ने मेले के सफल आयोजन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। इस वर्ष भी माता की पालकी को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से विशेष रूप से सजाया जाएगा तथा शोभायात्रा पूरे शहर का भ्रमण करेगी।
उपमंडल अधिकारी सोलन पूनम बंसल ने बताया कि धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु, देवी-देवताओं के प्रतिनिधि, सांस्कृतिक दल, पारंपरिक वाद्य यंत्रों के कलाकार और विभिन्न संस्थाओं के सदस्य भाग लेंगे। यात्रा सोलन शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जहां श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
पूनम बंसल ने कहा कि मां शूलिनी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सोलन की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मेले के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक संध्याएं, खेल प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनियां और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।