9 मई: पश्चिम बंगाल, जो कभी देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में गिना जाता था, राजनीतिक परिस्थितियों के चलते धीरे-धीरे विकास की दौड़ में पीछे होता चला गया। इस बार विधानसभा चुनाव में औद्योगिक विकास, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, हिंसा और घुसपैठ जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। अब राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद लोगों में एक बार फिर विकास और बदलाव की उम्मीद जगी है।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आरएन रवि ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा अध्यक्ष और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। शुभेंदु अधिकारी को शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया था।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का राजनीतिक सफर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आगे बढ़ा है। 2016 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पहली बार तीन सीटें जीती थीं, जबकि 2021 में 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी। अब पहली बार राज्य में भाजपा सरकार बनने के साथ राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने मंच से जनता का अभिवादन करते हुए भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान किया और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
इस चुनाव में रिकॉर्ड 92.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे आजादी के बाद सबसे अधिक मतदान प्रतिशत बताया जा रहा है। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस चुनाव में भवानीपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज की है।