प्रधानमंत्री-अडानी में क्या रिश्ता; राहुल ने अडानी को लेकर पीएम मोदी पर लगाई आरोपों की झड़ी

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आवाज़ ए हिमाचल 

नई दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर सरकार को जमकर घेरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी के रिश्तों पर सवाल उठाए। उन्होंने एक तस्वीर सदन में लहराते हुए कहा कि पहले मोदी जी अडानी के जहाजों में घूमते थे और अब अडानी प्रधानमंत्री के जहाज में घूमते हैं। 2014 में दुनिया के अमीर लोगों की लिस्ट में अडानी 609 नंबर पर थे, पता नहीं क्या जादू हुआ और यह दूसरे नंबर पर आ गए। लोगों ने पूछा आखिर यह सफलता कैसे हुई? और इनका भारत के प्रधानमंत्री के साथ क्या रिश्ता है? प्रधानमंत्री क्यों उन पर इतने मेहरबान रहते हैं। दरअसल यह रिश्ता काफी साल पहले शुरु हुआ, जब नरेंद्र मोदी सीएम थे।

अडानी उस समय पीएम मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा था। असली जादू तब शुरू हुआ जब 2014 में पीएम मोदी दिल्ली पहुंचे। पहले यह नियम था कि अगर कोई एयरपोर्ट के व्यवसाय में नहीं है, तो वह एयरपोर्ट को नहीं ले सकता है। अडानी के पास अनुभव नहीं था, लेकिन नियम बदलकर उन्हें देश में छह एयरपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री जब भी विदेश जाते हैं, तो वहां अडानी का बिजनेस बढ़ाने की बात करते हैं। डिफेंस में अडानी जी का जीरो एक्सपीरियंस था। प्रधानमंत्री इजरायल जाते हैं और फिर अडानी जी को ड्रोन को री-फिट करने और छोटे हथियारों का कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है। प्रधानमंत्री आस्ट्रेलिया जाते हैं और जादू से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वन बिलियन डॉलर लोन अडानी जी को दे देता है। उसके बाद प्रधानमंत्री बांग्लादेश में गए। वहां पर इलेक्ट्रिसिटी बेचने का डिसीजन लिया जाता है। कुछ दिन बाद बांग्लादेश पावर डिवेलपमेंट बोर्ड 25 साल का कांट्रेक्ट अडानी जी के साथ साइन करता है।

 

श्रीलंका में, तो जून 2022 में इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन ने संसद में बताया था कि राष्ट्रपति राजपक्षे ने उनसे कहा था कि मोदीजी ने उन पर दबाव डाला था कि अडानी को विंड पावर प्रोजेक्ट दे दिया जाए। यह भारत की विदेश नीति नहीं, अडानी के कारोबार के लिए नीति है। राहुल गांधी ने सवाल किया कि एसबीआई और एलआईसी का पैसा अडानी की कंपनी में क्यों डाला गया? उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई ,उसमें लिखा था अडानी की भारत के बाहर शेल कंपनियां है। सवाल है कि हजारों करोड़ रुपया शेल कंपनियां भारत में भेज रही हैं, यह किसका पैसा है? क्या यह काम अडानी फ्री में कर रहे हैं? कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी और अडानी के साथ उद्योगपति अनिल अंबानी को भी घेरा। कहा कि अनिल अंबानी के पास रक्षा क्षेत्र में भी शून्य अनुभव है, फिर भी उन्हें ड्रोन बनाने की जिम्मेदारी दी गई। सोमवार को पीएम ने एचएएल में कहा कि हमने गलत आरोप लगाए, लेकिन असल में एचएएल का 126 विमानों का ठेका अनिल अंबानी के पास गया।

अग्निवीर सेना नहीं; आरएसएस का आइडिया, डोभाल ने युवाओं पर थोपा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस और अजीत डोभाल ने देश पर अग्निवीर योजना थोपी है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्हें भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सेना के अफसरों और पूर्व सैनिकों ने बताया कि अग्निवीर योजना सेना की योजना नहीं है, इसे सेना पर थोपा गया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना को अजीत डोभाल ने थोपा। यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का आइडिया है। बेरोजगार युवा, जो सेना में भर्ती के लिए सुबह चार बजे सडक़ों पर दौड़ लगाता है, वह इस योजना से खुश नहीं है।

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