26 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है और देश की उत्पादन क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो गई है। रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने और बिजली की बचत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में ही लगभग 6 गीगावाट नई क्षमता जोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि सौर और पवन ऊर्जा न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि देश के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी बेहद जरूरी हैं।
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार, 2025-26 के दौरान भारत ने पवन ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिसमें 6.1 गीगावाट की वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान में भारत वैश्विक स्तर पर पवन ऊर्जा के मामले में चौथे स्थान पर है और 56.1 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता रखता है।
सरकार के अनुसार, देश में पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएं अभी भी मौजूद हैं। अनुमान है कि 150 मीटर ऊंचाई पर इसकी क्षमता करीब 1,164 गीगावाट तक हो सकती है। लक्ष्य है कि भारत 2030 तक 100 गीगावाट और 2036 तक 156 गीगावाट क्षमता हासिल करे, जिससे 2070 तक ‘नेट जीरो’ लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पवन ऊर्जा देश की ऊर्जा जरूरतों को संतुलित करने में अहम भूमिका निभा रही है, खासकर शाम और रात के समय इसके बेहतर उत्पादन के कारण।