28 अक्तूबर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेशभर में चलाए जा रहे राज्यस्तरीय एंटी चिट्टा अभियान के अंतर्गत नूरपुर पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अब नशा तस्करी में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में नूरपुर पुलिस को 1,01,55,718 रुपये मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि मिली है। पुलिस जिला नूरपुर में अब तक 31,71,61,429 रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मचन्द वर्मा ने बताया कि पुलिस थाना इंदौरा में 30 मई, 2017 को दर्ज एक मामले में दलवीरो नामक महिला के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इस मामले में माननीय न्यायालय ने 1 अप्रैल, 2025 को महिला को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
मामले की जांच के दौरान नूरपुर पुलिस ने संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन और उनके अर्जन के वैध स्रोतों की पड़ताल की। इसके आधार पर पुलिस थाना इंदौरा ने 28 सितंबर, 2026 को संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश पारित कर उसकी पुष्टि के लिए सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली को भेजा था। वित्तीय जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी ने 26 अक्टूबर, 2026 को आदेश पारित कर फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि कर दी।
फ्रीज की गई संपत्तियों में दलवीरो पत्नी स्वर्गीय अजय कुमार की गांव छन्नी, तहसील इंदौरा स्थित आवासीय संरचना शामिल है, जिसका निर्धारित मूल्य 61,96,561 रुपये है। इसके अलावा मिथुन उर्फ छप्पर पुत्र स्वर्गीय अजय कुमार की गांव छन्नी स्थित आवासीय संरचना, फर्नीचर, घरेलू उपकरण और अन्य घरेलू सामान का कुल मूल्य 32,60,950 रुपये निर्धारित किया गया है। तीसरी संपत्ति घारो देवी पुत्री स्वर्गीय अजय कुमार की मारुति सुजुकी कार है, जिसका मूल्य 6,98,207 रुपये आंका गया है। तीनों संपत्तियों का कुल निर्धारित मूल्य 1,01,55,718 रुपये है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी ने वित्तीय जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित संपत्तियों को बेचने, हस्तांतरित करने या किसी अन्य तरीके से उनका निपटान करने पर कानूनी प्रतिबंध प्रभावी बनाना है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि नूरपुर पुलिस नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान करने, उनकी वित्तीय जांच करने और कानून के तहत उन्हें फ्रीज करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से होने वाले आर्थिक लाभ पर रोक लगाना और तस्करी के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करना है।
पुलिस जिला नूरपुर ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें, ताकि इस अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।