14 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी धर्मशाला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। यहां 16 और 17 अक्तूबर को ई-गवर्नेंस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक आयोजित होगी। इसमें देशभर से 100 से अधिक प्रधान सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। बैठक में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को आम जनता तक सरल, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। इस दौरान विभिन्न राज्यों के अधिकारी अपने-अपने प्रदेशों में लागू सफल डिजिटल सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के अनुभव साझा करेंगे। साथ ही सरकारी कामकाज में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और नागरिकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध करवाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
धर्मशाला इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक आयोजन की मेजबानी कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। अब ई-गवर्नेंस पर होने वाली इस बैठक से धर्मशाला का महत्व राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ेगा। यह बैठक कुनालपथरी मंदिर के निकट स्थित होटल धौलाधार हाईट में आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 16 अक्तूबर को धर्मशाला पहुंचकर बैठक में भाग लेंगे। इसके बाद 17 अक्तूबर को वह चंबा जिले के प्रवास पर जाएंगे। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के 17 अक्तूबर को धर्मशाला पहुंचकर बैठक में शामिल होने का कार्यक्रम है। आयोजन में शामिल होने वाले अतिथियों की अंतिम सूची आधिकारिक तौर पर जारी की जानी है।
धर्मशाला में होने वाली इस बैठक से हिमाचल प्रदेश को अन्य राज्यों में लागू डिजिटल शासन की बेहतर व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सुधारों को समझने का अवसर मिलेगा। विभिन्न राज्यों के सफल अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रदेश में सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही आम नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए भी बैठक उपयोगी साबित हो सकती है।