14 अक्तूबर: अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला कांगड़ा में ‘समर्थ’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों और आम लोगों को आपदा से बचाव, सुरक्षा उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सही कदम उठाने की जानकारी दी गई। वहीं, जोनल अस्पताल धर्मशाला में भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार, विद्यालय और समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सही जानकारी और समय पर की गई तैयारी से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस का संदेश है कि आपदा से बचाव की तैयारी घर से शुरू होती है। प्रत्येक परिवार को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकलने के रास्तों की जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार सामग्री, जरूरी संपर्क नंबर और आपातकाल में काम आने वाली आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध रखनी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों और युवाओं को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। विद्यार्थी विद्यालयों में सीखी गई जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाकर जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से अक्टूबर माह के दौरान जिले में ‘समर्थ’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों से इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि संभावित खतरों की पहचान, सुरक्षा उपायों का पालन और नियमित अभ्यास आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक हैं।
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर राजकीय मॉडल एसएम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला इंदौरा, राजकीय डिग्री कॉलेज इंदौरा, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन धर्मशाला, गवर्नमेंट आर्य डिग्री कॉलेज नूरपुर, एबीवी गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज तकीपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जदरांगल तथा राजकीय डिग्री कॉलेज धर्मशाला, देहरा, खुंडियां, ढलियारा, जयसिंहपुर और नगरोटा बगवां में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को आपदा से बचाव, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त जोनल अस्पताल धर्मशाला में भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें भूकंप आने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और आवश्यक कदमों का अभ्यास किया गया।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में विद्यालयों के अलावा सामुदायिक स्तर पर भी नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य आम नागरिकों को आपदा से पहले तैयारी करने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और आपातकालीन परिस्थितियों में सही कदम उठाने के प्रति जागरूक करना है।