9 जुलाई: पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने खरड़ में हुए सड़क हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि तेज रफ्तार के कारण होने वाली ऐसी घटनाएं केवल दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि हत्या के समान हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की जिम्मेदारी सरकार की भी बनती है। उन्होंने बताया कि खरड़ में एक तेज रफ्तार कार कंटेनर के पीछे जा टकराई, जिससे कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
शांता कुमार ने कहा कि विभिन्न जांच रिपोर्टों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के करीब 90 प्रतिशत मामलों का मुख्य कारण तेज रफ्तार है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में सड़क हादसे कम होते हैं क्योंकि वहां यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। भारत में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ओवरटेक की जल्दबाजी कई हादसों की वजह बन रही है।
उन्होंने सरकार से सड़क सुरक्षा कानून और सख्त करने की मांग करते हुए कहा कि तेज रफ्तार और यातायात नियम तोड़ने वालों पर कम से कम 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए तथा उनका ड्राइविंग लाइसेंस छह महीने के लिए रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून का प्रभाव तभी दिखाई देता है, जब उसके उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान हो।