5 सितंबर: ठियोग अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला मरीज को गलत इंजेक्शन लगाए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए और पुलिस थाना ठियोग में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। मामले के बाद एहतियातन महिला को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया, जहां वह चिकित्सकों की निगरानी में है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार ठियोग के संधु क्षेत्र की रहने वाली बुजुर्ग महिला को अचानक तेज घबराहट होने पर परिजन उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद एक इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने गलती से किसी अन्य महिला मरीज के लिए निर्धारित हृदय रोग से संबंधित इंजेक्शन लगा दिया।
महिला के बेटे दिनेश और बेटी इंदु ने आरोप लगाया कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने का पता चलने के बाद उन्होंने अस्पताल स्टाफ और चिकित्सकों से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाना ठियोग में शिकायत दर्ज करवाई। परिजनों के अनुसार पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल कर्मचारियों ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि महिला को घबराहट कम करने के लिए सामान्य इंजेक्शन लिखा गया था, लेकिन भूलवश दूसरा इंजेक्शन लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि गलती से लगाए गए इंजेक्शन का असर करीब आधे घंटे तक रहता है। मरीज की तत्काल चिकित्सीय जांच की गई और उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर पाई गई। एहतियात के तौर पर बेहतर निगरानी और किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए महिला को 12 घंटे के ऑब्जर्वेशन के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
वहीं, मामले में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला आईजीएमसी में चिकित्सकों की निगरानी में है।