8 अक्तूबर: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला हमीरपुर की 87 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर पुरस्कृत किया गया। इनमें पिछले तीन वर्षों से टीबी का कोई मामला सामने नहीं आने पर 10 पंचायतों को स्वर्ण पदक, पिछले दो वर्षों से कोई नया मामला न मिलने पर 9 पंचायतों को रजत पदक और एक वर्ष से नया मामला सामने नहीं आने पर 68 पंचायतों को कांस्य पदक प्रदान किया गया।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने वीरवार को बचत भवन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में इन पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं की ‘जोश’ (ज्वाइंट स्क्वायड फॉर हेल्थ) टीमों का भी शुभारंभ किया गया। एनसीसी कैडेटों और अन्य युवा वॉलंटियरों से गठित ये टीमें जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने में योगदान देंगी।
उपायुक्त ने सभी टीबी मुक्त पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि पंचायतों को भविष्य में भी टीबी मुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने और इसके लक्षण सामने आने पर समय पर जांच करवाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त अभियान में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘जोश’ टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, सभी बीएमओ तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली पंचायतों में बणी, कियाराबाग, भगेटू, कक्कड़, चंगर, जंगल, चारियां दी धार, लग-कढियार, पुरली और स्वाहल शामिल हैं।
रजत पदक प्राप्त करने वाली पंचायतों में घंगोट कलां, झंजियानी, बधानी, महल, पंजोत, रोहवीं, गाहली, नारा और स्पाहल शामिल हैं।
कांस्य पदक प्राप्त करने वाली पंचायतों में बल्ह बिहाल, बड़ाग्राम, दलचेड़ा, दांदड़ू, ग्यारहग्रां, जुनेहन, ज्योली देवी, जोड़े अंब, कलवाल, कनोह, कड़साई, महारल, पटेरा, समैला, समताणा कलां, सठवीं, दाड़ी, ढनवान, करहा, पपलाह, पट्टा, फरनोल, गोईस, कश्मीर, मंझेली, नाल्टी, पनियाली, सनाही, सरेड़ी, ऊट्टप, हड़ेटा, मक्कड़, घलूं, मालग, करेर, लहड़ा, कोटला चिलियां, कंडरोला प्लासी, गौना, हथोल, जोल सप्पड़, भदरोल, बैहरड़, कमलाह, मझियार, रैल, भेरड़ा, बनाल, पनोह, मनिहाल, बफड़ीं, बजूरी, बल्ह, बलोह, बारीं, बरोहा, बोहनी, देई का नौण, धलोट, गसोता, ख्याह लोहारियां, नेरी, पंधेड़, सराकड़, सिकांदर, टिब्बी, उहल और उटपुर शामिल हैं।