30 अक्तूबर, कविता शांति गौतम : नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में कोई औद्योगिक नीति नहीं है, जिसके चलते 30 हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
शुक्रवार को नालागढ़ में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति की अवधि गत वर्ष 31 दिसंबर को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद सरकार तीन बार इसकी अवधि बढ़ा चुकी है, लेकिन नई औद्योगिक नीति लाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट प्राथमिकता है और न ही प्रदेश के विकास को लेकर कोई ठोस विजन है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते दो दिनों में लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को सेवा विस्तार देने और हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय के फैसलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के नाम पर सरकार में मित्रहित को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसे पूरा प्रदेश देख रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली सरकार की कार्यप्रणाली से उसकी नीयत का अंदाजा लगाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों और संवैधानिक आयोगों के पदों पर होने वाली भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने जल शक्ति विभाग के एक अधिकारी को दिए गए सेवा विस्तार का मामला उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं और अधिकारी को उनके सेवाकाल को देखते हुए महत्वपूर्ण कार्यों से दूर रखने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान जयराम ठाकुर ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। उनके साथ सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व विधायक लखविंदर राणा, विनोद चंदेल, सरवन चंदेल, हंसराज चंदेल, केएल ठाकुर, राकेश कुमार और ललित पोसवाल भी मौजूद रहे। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह प्रसन्नता और संतोष का विषय है कि पूर्व में हुए चुनावों में 90 प्रतिशत से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों ने जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।