12 सितम्बर: स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की बद्दी यूनिट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक ब्लॉक ऑफिसर (बीओ) और उसके सहयोगी को 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामला पट्टा महलोग क्षेत्र में खैर के पेड़ों के कटान की अनुमति से जुड़ी फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का है।
जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि पट्टा महलोग क्षेत्र के बीओ सतीश द्वारा खैर कटान की अनुमति देने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है। आरोप है कि बीओ ने शिकायतकर्ता से रकम सीधे उसे देने के बजाय नरेश नामक व्यक्ति को सौंपने के लिए कहा था।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन किया और डीएसपी की अगुवाई में आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने नरेश को 22 हजार रुपए की रिश्वत दी, विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए बीओ सतीश और नरेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम रिश्वत की मांग, रकम के लेन-देन और खैर कटान की अनुमति से संबंधित विभागीय फाइल की प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
गौरतलब है कि दून विधानसभा क्षेत्र में हाल के दिनों में रिश्वतखोरी का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले बरोटीवाला क्षेत्र में विजिलेंस ने एक महिला पटवारी को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही विजिलेंस की कार्रवाई से भ्रष्टाचार में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।