3 सितम्बर: हिमाचल को हरित और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक परिवहन पहल का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। जिला कांगड़ा में 45 इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न रूटों पर यात्रियों को सेवाएं दे रही हैं। कम शोर, कम प्रदूषण और कम परिचालन खर्च के साथ ये बसें यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध करवा रही हैं।
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक इंजीनियर पंकज चड्ढा ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसें सीसीटीवी से लैस हैं और सुरक्षा की दृष्टि से भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। बस के दोनों दरवाजे पूरी तरह बंद होने के बाद ही इसका संचालन शुरू होता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से एचआरटीसी के खर्च में भी बड़ी बचत हो रही है। डीजल बसों के संचालन पर जहां करीब 25 से 26 रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आता है, वहीं इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन खर्च लगभग 11 से 12 रुपये प्रति किलोमीटर है। इससे परिवहन निगम को आर्थिक लाभ के साथ-साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल रही है।
कांगड़ा जिले में इलेक्ट्रिक बसों के लिए धर्मशाला, नगरोटा बगवां, देहरा, पालमपुर, पठानकोट, बैजनाथ, जसूर और कांगड़ा में करीब 6.35 करोड़ रुपये की लागत से ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा जयसिंहपुर और शाहपुर में करीब 1.26 करोड़ रुपये की लागत से नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। फास्ट चार्जिंग सुविधा के चलते बसों को कम समय में चार्ज कर विभिन्न रूटों पर संचालित किया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। रूट की दूरी और चार्जिंग सुविधा को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जा रही है, ताकि एक बस करीब 170 से 250 किलोमीटर तक प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। नए रूट शुरू करने से पहले उनका सर्वेक्षण भी करवाया जा रहा है।
बसों के संचालन और रखरखाव के लिए संबंधित कंपनी के साथ 12 वर्ष का अनुबंध किया गया है। इससे बसों की तकनीकी सेवाओं और रखरखाव की सुविधा लंबे समय तक सुनिश्चित रहेगी।
कम शोर और आरामदायक यात्रा के कारण यात्रियों में इलेक्ट्रिक बसों को लेकर रुचि बढ़ रही है। इन बसों के संचालन वाले रूटों पर यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराज्यीय रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक साबित हो रहा है।
मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देकर हिमाचल को मॉडल राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से प्रदेश में स्वच्छ, हरित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।