14 अक्तूबर: जिला कांगड़ा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के समयबद्ध निपटारे को लेकर जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज कुल 88 मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि गत तिमाही में पांच मामलों का निपटारा किया गया है, जबकि अधिकांश मामले न्यायालय में अंतिम प्रक्रिया के चरण में हैं। इसके अलावा पांच मामलों में पुलिस विभाग द्वारा सीआर दर्ज की गई है, जबकि चार मामलों में जांच जारी है।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक मामले में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने पुलिस विभाग, अभियोजन पक्ष और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और उनकी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने पर भी जोर दिया, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
बैठक में राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तहत प्राप्त पांच मामलों पर भी चर्चा की गई। इनमें से चार मामलों को मौके पर ही अनुमोदित कर दिया गया, जबकि एक मामले में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, एएसपी धर्मशाला आर. पी. जसवाल, एएसपी देहरा नवदीप सिंह, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव ओम प्रकाश शर्मा, जिला अटॉर्नी अनुज शर्मा, डीआईईटी से वीना सिंह तथा समिति के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।