9 जुलाई: हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कांच की बोतलों की खरीद एवं रीसाइक्लिंग योजना शुरू की है। नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता और वितरक एचपीएमसी की इस्तेमाल की गई खाली कांच की बोतलें वापस कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य राज्य में कांच के कचरे को कम करना और रीसाइक्लिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
योजना के तहत 200 मिलीलीटर की प्रत्येक खाली बोतल लौटाने पर उपभोक्ताओं को 1 रुपये और 600 मिलीलीटर की प्रत्येक बोतल पर 2 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं, खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को संग्रहण के विभिन्न चरणों के आधार पर प्रति बोतल 4 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। एचपीएमसी का कहना है कि यह व्यवस्था न केवल जिम्मेदार कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देगी, बल्कि इससे जुड़े सभी पक्षों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित होगी।
एसओपी के अनुसार, खुदरा विक्रेताओं, वितरकों और एचपीएमसी कार्यालयों से एकत्रित खाली बोतलों को जारोल स्थित फल प्रसंस्करण संयंत्र में पहुंचाया जाएगा। यहां उनकी छंटाई कर उन्हें रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए विशेष रिवर्स लॉजिस्टिक्स प्रणाली भी विकसित की गई है, ताकि बोतलों का संग्रहण और परिवहन सुचारु रूप से हो सके।
एचपीएमसी ने प्रदेश के लोगों, खुदरा विक्रेताओं और वितरकों से इस योजना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि यह पहल हिमाचल को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। निगम का विश्वास है कि इससे कांच के कचरे में कमी आएगी, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं एवं व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।