22 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ई-टैक्सी योजना के नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत अब पात्र युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही न्यूनतम पांच वर्षों तक रोजगार की गारंटी भी सुनिश्चित की गई है, जिसे आपसी सहमति से दो साल तक बढ़ाया जा सकता है।
योजना का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के बोनाफाइड युवाओं को ही मिलेगा। इसके लिए आयु सीमा 23 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदक का बेरोजगार होना और उसके पास वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पात्रता भी तय की गई है, जिसमें दसवीं पास अभ्यर्थियों के लिए सात साल और गैर-दसवीं पास के लिए दस साल का ड्राइविंग अनुभव जरूरी रखा गया है। एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकेगा।
सरकार ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए ई-वाहनों की श्रेणियां भी निर्धारित की हैं। अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को 10 लाख से लेकर 30 लाख रुपये से अधिक कीमत तक के ई-वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें कैबिनेट मंत्रियों को उच्च श्रेणी के वाहन दिए जाएंगे।
योजना के तहत चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इच्छुक अभ्यर्थियों को श्रम एवं रोजगार विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। चयन के बाद लाभार्थी, संबंधित विभाग और बैंक के बीच समझौता किया जाएगा। ई-टैक्सी को स्वयं चलाना अनिवार्य होगा, जबकि विशेष परिस्थितियों में ही उत्तराधिकारी को इसकी अनुमति दी जाएगी।
चार्जिंग का खर्च लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा, हालांकि चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर सब्सिडी की वसूली और अनुबंध रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से पारदर्शिता के साथ युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है।