28 जुलाई: हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने सोमवार को कांगड़ा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कार्यालय का दौरा कर आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संचार तंत्र की समीक्षा की।
दीपक राठौर ने जिले के ट्रैकिंग मार्गों पर स्थापित आपदा मित्र स्टेप्स की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इन स्टेप्स के माध्यम से लोगों को सही दिशा और आवश्यक जानकारी मिल रही है, जिससे रास्ता भटकने और लापता होने की घटनाओं में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत संचार व्यवस्था के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और सशक्त बना रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा मित्रों सहित सभी स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाए तथा उनकी क्षमता वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर एडीसी कांगड़ा विनय कुमार ने कहा कि आपदा के समय स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सक्रिय आपदा मित्रों और अन्य स्वयंसेवकों को उचित पहचान और सम्मान देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़कर समाज सेवा के लिए प्रेरित हों।
प्रशिक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह ने उपाध्यक्ष को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में डीडीएमए विभिन्न विभागों, राहत एजेंसियों और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करता है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, आपदा पूर्व तैयारियों और संचार नेटवर्क की उपयोगिता की भी जानकारी दी।
दौरे के दौरान उपाध्यक्ष ने आपदा मित्र, युवा आपदा मित्र और राजमिस्त्रियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग होने वाले वीएचएफ सेट, सैटेलाइट फोन और हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार प्रणालियों की कार्यप्रणाली की भी जानकारी प्राप्त की।