20 अप्रैल: शिमला में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों से प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक शामिल हो सकते हैं, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है। इसमें श्रमिकों को अपनी उम्र के अनुसार 55 से 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान करना होता है, जबकि इतनी ही राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थियों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जाती है।
बैठक में यह भी बताया गया कि योजना के अंतर्गत पंजीकरण लोक मित्र केंद्रों पर निःशुल्क किया जा रहा है। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक या जनधन खाता और मोबाइल नंबर आवश्यक है।
योजना का लाभ घरेलू कामगारों, फेरीवालों, निर्माण श्रमिकों, मनरेगा कामगारों, हस्तशिल्प एवं अन्य असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को मिलेगा। हालांकि, ईएसआई, ईपीएफ से जुड़े, आयकर दाता या पहले से पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, श्रम अधिकारी इन्दर नेगी, श्रम कल्याण अधिकारी श्रेय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।