27 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। Dr. Rajendra Prasad Government Medical College में जल्द ही ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर और एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) स्थापित की जा सकती है। इसके लिए संस्थान की ओर से AIIMS Delhi को प्रस्ताव भेजा गया है।
मंजूरी मिलने के बाद यहां 40 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक केंद्र शुरू किया जाएगा, जहां नशे के शिकार मरीजों की जांच और इलाज एक ही छत के नीचे किया जा सकेगा। यह केंद्र खासतौर पर हिमाचल के युवाओं को नशे के चंगुल से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा।
अब तक टांडा मेडिकल कॉलेज में केवल ओपीडी के माध्यम से परामर्श दिया जाता था, लेकिन नए सेंटर के शुरू होने से इलाज की सुविधाएं और बेहतर होंगी। केंद्र में अत्याधुनिक ड्रग डिटेक्शन लैब भी स्थापित की जाएगी, जो कुछ ही मिनटों में शरीर में मौजूद नशीले पदार्थों की पहचान कर सकेगी।
इस सेंटर में डॉक्टरों के साथ-साथ मनो।वैज्ञानिक, सोशल वर्कर और रिकवरी कोच की टीम मिलकर मरीजों का समग्र इलाज करेगी।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाफ शर्मा के अनुसार, प्रस्ताव AIIMS दिल्ली को भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलते ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा