18 जुलाई: जाईका परियोजना हमीरपुर के सहयोग से कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में “डिजाइन डॉक्यूमेंट” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में कृषि विभाग के 15 प्रशिक्षुओं, जिनमें कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ प्रारूपकार और सर्वेक्षक शामिल थे, ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश कुमार जंजीहा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजाइन दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान संसाधन व्यक्ति डॉ. पी.एल. शर्मा ने डिजाइन डॉक्यूमेंट की अवधारणा, महत्व, आवश्यकता, लाभ तथा त्रुटिपूर्ण दस्तावेजों से जुड़े संभावित जोखिमों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं, सेवानिवृत्त अधीक्षक अभियंता आर.के. कौंडल ने सिंचाई संरचनाओं के डिजाइन, टैंक क्षमता की गणना तथा उठाऊ सिंचाई योजनाओं के दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
अधिशाषी अभियंता ललिता कुमारी ने दस्तावेजों के ऑडिट और उनमें निरंतर सुधार की प्रक्रिया पर जानकारी दी। अभियंता मंजीत कुमार ने डिजाइन दस्तावेजों के जीवन चक्र, योजना निर्माण, आलेखन, समीक्षा, संपादन और अंतिम रूप देने के विभिन्न चरणों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों तथा उनके व्यावहारिक समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की।