18 जुलाई: श्री मणिमहेश यात्रा के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने शुक्रवार को चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का निरीक्षण किया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी सहित विभिन्न स्थानों का दौरा कर पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हिस्सों पर चल रहे मरम्मत कार्यों का जायजा लिया।
उपायुक्त ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी मरम्मत कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर चट्टानें या पत्थर गिरने की आशंका है, वहां पहले से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं और ढीले पत्थरों को हटाया जाए, ताकि यात्रा के दौरान यातायात सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल कूरी ने बताया कि चंबा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 अति संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर सड़क को सुचारु बनाए रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध रहेगी, जिससे मार्ग बाधित होने पर उसे तुरंत बहाल किया जा सके।
उन्होंने बताया कि बत्ती की हट्टी, चूड़ी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। साथ ही दो-दो फ्लैगमैन भी नियुक्त किए जाएंगे, जो भूस्खलन या पत्थर गिरने की स्थिति में यात्रियों और वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की जा रही है और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है, ताकि स्थानीय लोगों और मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यातायात सुविधा मिल सके।