17 जुलाई : उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण तथा न्यायालयों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सड़क निर्माण कार्यों में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग, प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ की गई कार्रवाई, चालान, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट पृथक्करण शेड, ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू सीवरेज प्रबंधन तथा मैकेनिकल डी-स्लजिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
जिला पर्यावरण योजना के तहत खनन प्रबंधन, अधिसूचित आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) एवं जल गुणवत्ता संरक्षण, प्रदूषित नदी तंत्र की निगरानी, जिला सीवरेज प्रबंधन, स्कोडी नाले की निगरानी, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन तथा नगर निगम और नगर पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति का भी आकलन किया गया।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सभी संबंधित विभागों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने, विभिन्न योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन को जनसहभागिता से ही सफल बनाया जा सकता है।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण, चालान, प्लास्टिक जब्ती तथा प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की समीक्षा भी की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को बाजारों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए इसे सड़क निर्माण, सीमेंट संयंत्रों तथा अन्य स्वीकृत माध्यमों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही सेप्टिक टैंकों से निकाले गए मल का निस्तारण केवल अधिकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अथवा यांत्रिक डिस्लजर के माध्यम से ही करने के निर्देश दिए।
बैठक का संचालन क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विनय कुमार ने किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, आरटीओ नवीन कुमार, सहायक आयुक्त नगर निगम मंडी विजय कुमार, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, जिला विकास अधिकारी जी.सी. पाठक, जिला पर्यटन अधिकारी रजनीश शर्मा, जल शक्ति, लोक निर्माण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिले के अन्य एसडीएम और बीडीओ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।