16 जुलाई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत लगभग 33 करोड़ रुपये की लागत से बन रही गोलजमाला-गुज्जरहट्टी सड़क एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद बुधवार को पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां होने का दावा किया।
पूर्व विधायक ने कहा कि उनके कार्यकाल में इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को केंद्र सरकार से स्वीकृति दिलाई गई थी, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। लेकिन निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर नालियों का निर्माण अधूरा मिला, रिटेनिंग वॉल (डंगे) मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और सड़क पर बिछाई जा रही ब्लैकटॉप की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं दिखी।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यदि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग ने जल्द सभी कमियों को दूर नहीं किया तो पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की जाएगी, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय हो सके।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी को लेकर अपनी शिकायतें पूर्व विधायक के सामने रखीं। उनका कहना था कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा है।