16 जुलाई : संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) पांवटा साहिब के बैनर तले बुधवार को सैकड़ों किसानों और उपभोक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की कथित मोदी-ट्रंप डील की प्रतियां जलाकर विरोध जताया और एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल को तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। किसानों ने नारेबाजी करते हुए हाथों में तख्तियां और काले झंडे लेकर जुलूस निकाला।
प्रदर्शन के दौरान एसकेएम ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ की गई कृषि एवं व्यापार संबंधी डील देश के किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। संगठन का कहना है कि इस समझौते से विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार में प्रवेश मिलेगा, जिससे किसानों, बीज उत्पादन और मंडी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने सरकार से इस डील को तत्काल रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन का दूसरा प्रमुख मुद्दा बिजली के स्मार्ट मीटर रहे। एसकेएम ने आरोप लगाया कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की रीडिंग में भारी गड़बड़ी है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बिजली बिल का बोझ पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि विभाग जांच के नाम पर चेक मीटर लगाकर बाद में उन्हें बिना उपभोक्ता की सहमति के नियमित कर रहा है। किसानों ने स्मार्ट मीटरों की थर्ड पार्टी से जांच कराने, जांच पूरी होने तक अतिरिक्त बिलों पर रोक लगाने और बिना सहमति मीटर न बदलने की मांग की।
तीसरे मुद्दे के तहत एसकेएम ने बताया कि कृषि विभाग ने रबी सीजन में किसानों से गेहूं और तोरिया का बीज खरीदा था, लेकिन छह महीने बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया है। किसानों का कहना है कि भुगतान न मिलने से अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है और उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर किसानों का भुगतान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।