8 जुलाई: प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में चयनित असिस्टेंट स्टाफ नर्सों को फिलहाल नियुक्ति देने से इनकार कर दिया है। न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बी.सी. नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार की उस मांग को भी अस्वीकार कर दिया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों का हवाला देते हुए चयनित अभ्यर्थियों को तैनाती की अनुमति मांगी गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि वह शपथ पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और अन्य सरकारी उपक्रमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करे। कोर्ट ने कहा कि पहले दायर किए गए शपथ पत्र में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी, इसलिए संशोधित और विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की जाए।
सुनवाई में यह भी सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग में पहले कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्स आधार पर की जाती है और बाद में उन्हें रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) में समाहित किया जाता है। अदालत ने इस व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे आउटसोर्स भर्ती के लिए एक अलग रास्ता बनता दिखाई देता है, जिसकी पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि उसके पास प्रदेश सरकार और विभिन्न सरकारी उपक्रमों में कार्यरत सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का समेकित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव और वित्त सचिव से भी स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है।