2 जुलाई , रवि दत्त भारद्वाज : राजगढ़, सिरमौर के पझौता क्षेत्र के द्राबला गांव में लोक संस्कृति और लोक कलाकारों के सम्मान को समर्पित भव्य कला सम्मानोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगीत नाटक अकादेमी के राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयनित लोक कलाकार डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी तथा उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित गोपाल हाब्बी का ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत और सम्मान किया। समारोह में क्षेत्र के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने दोनों कलाकारों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया।
कला सम्मानोत्सव में द्राबला, जालग, पाट्टी, शल्हेच, धनियासैर, नरोट, लगालग और डाडू टीर सहित अनेक गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी बीर सिंह अत्री तथा हाब्बी बिरादरी के मुखिया पदम सिंह हाब्बी ने की। समारोह का उद्देश्य लोक संस्कृति के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान करना था।
हाल ही में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की संगीत नाटक अकादेमी द्वारा डॉ. जोगेन्द्र सिंह हाब्बी का राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन किया गया है। वहीं गोपाल सिंह हाब्बी को पूर्व में संगीत नाटक अकादेमी का प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार मिल चुका है। इन उपलब्धियों से पूरे पझौता क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने दोनों कलाकारों का फूलमालाओं, पूजा-अर्चना और जयघोष के साथ स्वागत किया। 
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद महिला मंडल की सदस्यों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि युवा उद्घोषक महेन्द्र हाब्बी ने मंच संचालन किया। विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों और महिला मंडल द्राबला ने दोनों कलाकारों को टोपी, अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उनकी धर्मपत्नियों और सहयोगी कलाकारों को भी सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान लोक कलाकार रामलाल वर्मा और उनके साथी कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और ग्रामीणों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन भी किया गया।
आयोजक चेतराम हाब्बी ने कहा कि डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी और गोपाल हाब्बी ने अपनी प्रतिभा से न केवल पझौता बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनका सम्मान नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की प्रेरणा देगा।
वहीं सम्मानित लोक कलाकार डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी ने कहा कि गांव के लोगों द्वारा मिला यह सम्मान उनके लिए किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है तथा समाज की सहभागिता ही संस्कृति को जीवित रखने की सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर पंचायत सदस्य सुधीर हाब्बी, गोविन्द हाब्बी, रामस्वरूप अत्री, मायाराम शर्मा, गोविन्द अत्री, अनिल अत्री, पूर्व प्रधान तुलसीराम हाब्बी, पूर्व प्रधान नीलम, जयसिंह, संजीव, राजेन्द्र, रणजीत सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। कला सम्मानोत्सव ने लोक कलाकारों के सम्मान के साथ-साथ लोक संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और भाईचारे का भी सशक्त संदेश दिया।