24 साल बाद बेटे ने दोहराया पिता का इतिहास, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने विवेक चौहान

13 जून : सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के गांव कुजनाल, डाकघर लोजा मनाल, तहसील शिलाई के विवेक चौहान भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान उन्होंने सेना अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया। इस अवसर पर उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान और माता मोनिका चौहान ने उनके कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में विदा किया।

विवेक चौहान ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में तीन वर्ष तथा भारतीय सैन्य अकादमी में एक वर्ष का प्रशिक्षण पूरा किया। चार वर्षों के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि वर्ष 2002 में उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान भी इसी भारतीय सैन्य अकादमी से सेना अधिकारी बने थे। 24 वर्ष बाद बेटे ने भी उसी ऐतिहासिक परेड ग्राउंड से पास आउट होकर परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाया है।

विवेक चौहान की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। दादी चानोनो चौहान, माता मोनिका चौहान, बड़े भाई रजत चौहान और पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान के लिए यह पल गर्व और भावनाओं से भरा रहा। उनकी यह उपलब्धि न केवल चौहान परिवार बल्कि शिलाई क्षेत्र, सिरमौर जिला और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

वर्तमान में लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान एनसीसी प्रथम बटालियन नाहन में कमांडिंग ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि माता मोनिका चौहान पांवटा साहिब के एक सरकारी विद्यालय में अध्यापिका हैं। बड़े भाई रजत चौहान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अधिवक्ता हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. चौहान ने कहा कि उनके लिए यह बेहद गर्व का क्षण है कि उनका बेटा अब भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेगा।

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