29 मई : हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में वीरवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लगघाटी के जोखू नाला के पास टाटा सूमो दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, लेकिन यहां करीब ढाई घंटे तक उन्हें समुचित उपचार नहीं मिल पाया। इस दौरान घायल दर्द से कराहते रहे और अव्यवस्थाओं के बीच एक महिला ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। उस समय ट्रॉमा सेंटर में केवल एक चिकित्सक मौजूद था, जिसके चलते सभी घायलों का समय पर उपचार नहीं हो सका। अस्पताल प्रशासन को हादसे की सूचना देने के बावजूद अतिरिक्त मेडिकल टीम देरी से पहुंची।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर रेजिडेंस अस्पताल से बेहद कम दूरी पर होने के बावजूद करीब ढाई घंटे बाद अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंचे। बाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर उपचार के लिए एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है।
हादसे के दौरान अस्पताल में कार सेवा दल, मल्ला साथी ट्रस्ट और अन्नपूर्णा संस्था के स्वयंसेवियों ने राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घायलों को एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर, एक्स-रे और सीटी स्कैन कक्ष तक पहुंचाने में मदद की। वहीं अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी भी साफ नजर आई, जिसके चलते कई मरीजों को एंबुलेंस में इंतजार करना पड़ा।
इस हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार की सास और बहू शामिल हैं। हादसे में घायल अन्य लोगों का इलाज जारी है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये, घायलों को 5-5 हजार रुपये तथा एम्स रेफर मरीजों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत देने की घोषणा की है।
उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा और एएसपी संजीव चौहान ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।