23 मई: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही कांग्रेस में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दिग्विजय सिंह की खाली हो रही राज्यसभा सीट पर किसे भेजा जाएगा, इसे लेकर पार्टी के भीतर मंथन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इस सीट पर कांग्रेस किसी अनुभवी और मजबूत चेहरे को उतार सकती है, ताकि क्रॉस वोटिंग जैसी किसी भी संभावना से बचा जा सके। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
कांग्रेस के सामने चुनौती सिर्फ सीट जीतने की नहीं, बल्कि पार्टी के अलग-अलग गुटों को एकजुट रखने की भी है। यही वजह है कि ऐसा चेहरा तलाशा जा रहा है जिसकी संगठन और विधायकों पर मजबूत पकड़ हो। कमलनाथ के अलावा मीनाक्षी नटराजन का नाम भी चर्चा में है। महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए पार्टी उन्हें मौका दे सकती है। वहीं युवा नेतृत्व के तौर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम भी रेस में बना हुआ है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिससे साफ है कि कांग्रेस पिछड़े वर्ग और युवा नेताओं को साधने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
भारत निर्वाचन आयोग ने 22 मई को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा की थी। चुनाव प्रक्रिया के तहत 2 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि उम्मीदवार 9 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 10 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह, जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर नए सदस्यों के चुनाव के लिए जून में मतदान कराया जाएगा। देशभर में कुल 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं।