23 मई: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने पूरे हिमाचल में दुकानों को 24 घंटे खुला रखने का फैसला लिया है। इसके लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे व्यापारियों को इंस्पैक्टरी राज से राहत मिलेगी। साथ ही सरकार ने बजट घोषणा के तहत दो लाख रुपए से कम सालाना आय वाली महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देने की योजना को भी आगे बढ़ाया है।
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों में करीब 2500 पद भरने और नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। इनमें शिक्षा विभाग में 1500 पद, 500 जेओए (आईटी), 94 आईटीआई क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर, 105 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, पुलिस विभाग में 12 लिपिक और 4 एपीआरओ पद शामिल हैं। इसके अलावा मिड-डे मील वर्कर, एसएमसी, मल्टी टास्क वर्कर और पंचायत चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। सिलाई अध्यापिकाओं के वेतन में 1000 रुपए और पीडब्ल्यूडी मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में भी इजाफा किया गया है।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के 300 स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने का फैसला लिया है। इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं और शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। वहीं मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी को देखते हुए उनकी रिटायरमेंट आयु 62 से बढ़ाकर 63 वर्ष कर दी गई है।
सरकार ने मत्स्य पालकों को राहत देते हुए मछली पकड़ने पर लगने वाली रॉयल्टी 15 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत कर दी है। इससे मत्स्य पालकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा सिरमौर जिले में पंचकूला के पास करीब 8000 बीघा भूमि पर आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का निर्णय भी लिया गया है।
बैठक में प्रागपुर में एसडीएम कार्यालय और फतेहपुर में ईएनसी शाह नहर कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई। वहीं बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे वाहनों को एकमुश्त राहत देने का फैसला भी लिया गया है, ताकि उनका दोबारा पंजीकरण हो सके।
आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते इस बार कैबिनेट ब्रीफिंग नहीं हुई। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह कर्नाटक दौरे के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। करीब छह घंटे चली बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।