20 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद बुधवार को चंडीगढ़ में ‘नो व्हीकल डे’ का असर देखने को मिला। चंडीगढ़ प्रशासन के निर्देशों के तहत कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी साइकिल, सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहनों से अपने कार्यालय पहुंचे। पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है।
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रत्येक बुधवार निजी वाहनों के बजाय साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है। इसी कड़ी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव पैदल कार्यालय पहुंचे, जबकि एससीएस सौरव अरोड़ा, डीपीआरओ राजीव तिवारी और मुख्य अभियंता सीबी ओझा सहित कई अधिकारी साइकिल से दफ्तर पहुंचे। नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों में भी कई कर्मचारियों ने इस पहल का समर्थन किया।
यूटी सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और अन्य सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों से निजी कारों के उपयोग से बचने को कहा गया है। हालांकि कुछ कर्मचारी निजी वाहनों से भी कार्यालय पहुंचे। गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए विशेष बस सेवाएं भी शुरू की हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों से यूटी सचिवालय और हाईकोर्ट तक सुबह और शाम निर्धारित समय पर बसें चलाई गईं, ताकि कर्मचारी आसानी से कार्यालय पहुंच सकें।
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत, ट्रैफिक कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है। हालांकि बस सेवाएं शुरू होने के बावजूद कई रूटों पर बसों में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई
दी।