6 मई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और वियतनाम ने आपसी व्यापार को वर्ष 2030 तक 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए दोनों देशों ने एक विस्तृत रणनीति तैयार की है। यह जानकारी उस दौरान सामने आई जब नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की मौजूदगी में कई समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रधानमंत्री ने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अब भारतीय दवाओं की वियतनाम में पहुंच आसान होगी, वहीं भारत से कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच फलों का आदान-प्रदान बढ़ेगा—भारत के अंगूर और अनार वियतनाम पहुंचेंगे, जबकि भारत में वियतनाम का पोमेलो उपलब्ध होगा।
इसके अलावा, भारत और ASEAN देशों के बीच व्यापार समझौते को वर्ष के अंत तक अपडेट करने की योजना है, जिससे निवेश और व्यापार को नई दिशा मिलेगी। दोनों देशों ने रेयर अर्थ्स, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और आर्थिक सुरक्षा को भी बल मिलेगा।
भारत और वियतनाम के बीच हवाई संपर्क में भी लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां आसान बनेंगी। साथ ही, दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है, ताकि आर्थिक लेन-देन को सरल बनाया जा सके। यह पूरा समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों की ओर इशारा करता है।