30 अप्रैल: प्रदेश सरकार ने 382 मेगावाट क्षमता वाली सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अतिरिक्त निजी भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। एमपीपी एंड पावर विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार परियोजना निर्माण के लिए 09-10-99 हेक्टेयर (करीब 117 बीघा) अतिरिक्त निजी भूमि की आवश्यकता बताई गई है।
यह भूमि शिमला जिले की तहसील सुन्नी के मुंगना, लुणसू, जैशी और भराड़ा, तहसील कुमारसैन के मजरोग, तथा मंडी जिले की तहसील करसोग के भौरा, जकलीन, मगान, फफान, परलोग, बेलूढांक और खरयाली गांवों से अधिग्रहित की जाएगी। सरकार ने इस परियोजना को सार्वजनिक हित से जुड़ा बताते हुए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण से पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट कराया गया है। यह अध्ययन सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट यूनिट द्वारा किया गया, जबकि प्रारंभिक जांच जिला शिमला और मंडी प्रशासन की टीमों ने पूरी की। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अधिग्रहण से किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना नहीं है।
अधिसूचना के तहत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए शिमला और मंडी में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। साथ ही अधिग्रहण से जुड़ी भूमि का पूरा ब्यौरा भी जारी किया गया है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी और उनकी टीम को जमीन पर सर्वेक्षण, नापजोख, स्तर जांच, खुदाई और उपमृदा परीक्षण की अनुमति भी दे दी है।
नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त, बंटवारा, गिरवी या किसी भी प्रकार का लेनदेन कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी व्यक्ति को अधिग्रहण पर आपत्ति है, तो वह अधिसूचना की तारीख से 60 दिनों के भीतर कलेक्टर, भूमि अधिग्रहण, सुन्नी डैम परियोजना कार्यालय में अपना दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है।