25 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य के चयनित स्कूलों में CBSE और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दोनों के विकल्प उपलब्ध होंगे। किस स्कूल भवन में कौन-सा बोर्ड लागू होगा, इसका अंतिम निर्णय अब स्कूल शिक्षा निदेशक द्वारा लिया जाएगा।
सरकार ने यह निर्णय स्कूलों के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और अन्य आवश्यक मानकों के मूल्यांकन के आधार पर लेने की बात कही है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने चार स्थानों—नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा—में स्कूलों के मर्जर (विलय) का फैसला लिया था, जिसे अब आंशिक संशोधन करते हुए रद्द कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत इन क्षेत्रों में लड़कों और लड़कियों के स्कूल अलग-अलग इकाइयों के रूप में संचालित होंगे, लेकिन सभी को-एजुकेशनल (सह-शिक्षा) होंगे। साथ ही, एक स्कूल को CBSE से संबद्ध किया जाएगा, जबकि दूसरा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत चलेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि CBSE से संबद्ध स्कूलों को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा, जबकि HP बोर्ड से जुड़े स्कूल हाई स्कूल स्तर पर कार्य करेंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार:
- धर्मशाला, देहरा, नूरपुर और सरकाघाट में स्कूलों को डिमर्ज कर अलग-अलग इकाइयों में संचालित किया जाएगा।
- CBSE से संबद्ध स्कूलों को हाई स्कूल परिसरों में स्थान दिया जाएगा।
- HP बोर्ड के स्कूल स्वतंत्र रूप से कार्य करते रहेंगे।
इसके अलावा, शिक्षा निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के नामों में आवश्यक संशोधन, डिस्प्ले अपडेट और शिक्षक व गैर-शिक्षक स्टाफ का पुनर्वितरण जल्द किया जाए।