20 अप्रैल: PMFME योजना के तहत शिमला जिले में उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में 99 नए मामलों को मंजूरी प्रदान की गई। इन मामलों को 27 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच विभिन्न बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए अनुशंसित किया गया था।
बैठक में जानकारी दी गई कि इससे पहले 1 अप्रैल 2025 से 26 दिसंबर 2025 के बीच 780 मामलों को भी बैंकों को भेजा गया था। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 3026 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2901 मामलों को बैंकों तक पहुंचाया गया और 2079 मामलों में ऋण स्वीकृत हो चुका है, जबकि 73 मामलों में प्रक्रिया अभी जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक की ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसी के चलते शिमला जिले में अब तक 2080 से अधिक यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
उपायुक्त ने युवाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने स्वरोजगार के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि योजना अभी भी जारी है, इसलिए इच्छुक युवा अपने प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए आवेदन करें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई।