19 अप्रैल:मंडी जिले के सरकारी स्कूलों में इस बार अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम लागू करने के फैसले का अभिभावकों और विद्यार्थियों ने खुलकर स्वागत किया है। पहले चरण में जिले के 23 स्कूलों को CBSE से जोड़ा गया है, जिसके बाद दाखिलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
16 अप्रैल 2026 तक इन स्कूलों में 12,083 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है। जोगिंद्रनगर और करसोग जैसे क्षेत्रों में यह आंकड़ा एक हजार से भी पार पहुंच चुका है। बाल वाटिका से लेकर जमा दो तक सभी कक्षाओं में दाखिले जारी हैं और कई कक्षाओं में छात्रों की संख्या काफी बढ़ गई है।
सरकारी स्कूलों में बढ़ते नामांकन से साफ है कि अब लोग महंगे निजी स्कूलों के बजाय सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर रुख कर रहे हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूलों की भारी फीस के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अपने बच्चों को CBSE पैटर्न के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ा पा रहे हैं।
छात्रों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। कुछ विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है और सरकार के इस कदम को सराहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 30 अप्रैल तक विलंब शुल्क के साथ प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी। यदि किसी कक्षा में छात्रों की संख्या 40 से अधिक होती है तो अतिरिक्त सेक्शन भी बनाए जाएंगे, ताकि हर बच्चे को शिक्षा का अवसर मिल सके।
सरकार की इस पहल से न केवल सरकारी स्कूलों में विश्वास बढ़ा है, बल्कि शिक्षा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।