8 अप्रैल: वर्ष 2005 से ग्रामीण विकास की रीढ़ बनी मनरेगा योजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश में यह योजना 30 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिसके बाद मई से ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VBG Ramji)’ लागू होने की संभावना है।
हालांकि इस नई योजना को 1 अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी न होने के कारण मनरेगा को एक माह के लिए बढ़ाया गया है। अप्रैल माह में अभी भी सभी विकास कार्य मनरेगा के तहत ही किए जाएंगे।
प्रदेश में मनरेगा की शुरुआत 2005 में चंबा और सिरमौर जिलों से हुई थी, जिसके बाद 2008 तक यह योजना सभी 12 जिलों में लागू हो गई। इस योजना ने वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को नई दिशा दी।
कोरोना काल में मनरेगा ने हजारों लोगों को सहारा दिया, जब लोग शहरों से लौटकर गांवों में आ गए थे। इस योजना के तहत उन्हें घर के पास रोजगार मिला और उन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण किया।
हालांकि पिछले कुछ समय में मजदूरी और मैटीरियल भुगतान में देरी जैसी समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन अब अधिकांश लंबित भुगतान कर दिए गए हैं।
एडीसी सोलन राहुल जैन ने बताया कि 30 अप्रैल के बाद मनरेगा की जगह नई VBG Ramji योजना लागू की जाएगी, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।