19 मार्च: प्रदेश हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामलों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि आरोपी की मृत्यु के बाद भी शिकायतकर्ता मुआवजा राशि उसकी संपत्ति से वसूल सकता है।
न्यायाधीश संदीप शर्मा ने तारा चंद दामोदरी की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता दोषी के कानूनी वारिसों के खिलाफ मुआवजा प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र है और इसके लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में आरोपी की मृत्यु के साथ ही कार्यवाही समाप्त मानी जाती है, लेकिन मुआवजे का अधिकार समाप्त नहीं होता। शिकायतकर्ता उचित न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया अपनाकर मृतक की संपत्ति से मुआवजा प्राप्त कर सकता है।