26 फरवरी: करोड़ों रुपये की लागत से बने चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सुरक्षा और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के बायोमेडिकल वेस्ट कक्ष से एक आवारा कुत्ता सर्जरी के बाद अलग किया गया मानव अंग उठाकर ले गया। घटना के अगले दिन भी कुत्ता परिसर में देखा गया, लेकिन न तो उसे पकड़ा जा सका और न ही संबंधित अंग बरामद हो पाया।
अस्पताल परिसर चारों ओर से जंगल से घिरा है और वर्तमान में यहां निर्माण कार्य जारी है। बाउंड्री वॉल पूरी तरह निर्मित न होने के कारण आवारा पशु और कुत्तों का प्रवेश आसान हो गया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि इस प्रकार की लापरवाही मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए 21 फरवरी की रात ड्यूटी पर तैनात छह सफाई कर्मियों और एक सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन का कहना है कि निर्माण कार्य के चलते फिलहाल पूरे परिसर की पूर्ण घेराबंदी संभव नहीं हो पाई है।
विशेषज्ञों के अनुसार बायोमेडिकल वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसमें लापरवाही जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि परिसर की शीघ्र घेराबंदी की जाए और आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।