28 अक्तूबर, बबलू गोस्वामी : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने के प्रयास किए जाएंगे। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने चिकित्सा शिक्षा, आर्थिक सहायता, कॉलेज के बुनियादी ढांचे, विदेश में एक्सपोजर विजिट और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।
द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आर्थिक तंगी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई छोड़ने से बचाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
एमबीबीएस छात्र आयान चोपड़ा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को अग्रणी संस्थान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रा प्रतिभा ने कॉलेज की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ा सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्थान में आधुनिक एम्फीथिएटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा 300-300 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्र और छात्रा छात्रावासों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। जापान की एक कंपनी के सहयोग से कॉलेज का लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। संस्थान में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
विद्यार्थी निशांत के विदेश में एक्सपोजर विजिट से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से पीजी और एमबीबीएस के 10-10 विद्यार्थियों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। चयनित विद्यार्थियों को जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, जहां उन्हें चिकित्सा क्षेत्र की बेहतर कार्यप्रणाली को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीजी सीटों की संख्या आठ से बढ़कर 57 हो गई है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पहले कुल 277 पीजी सीटें थीं, जबकि राज्य सरकार के प्रयासों से इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। इससे प्रदेश में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 597 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।