26 अक्तूबर: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शिमला के कृष्णा नगर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने मंदिर के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। रामायण की रचना के माध्यम से उन्होंने मानवता को सत्य, न्याय, करुणा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलें और कोई भी व्यक्ति सामाजिक या आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रहे। कांग्रेस पार्टी संविधान और उसके मूल्यों में विश्वास करती है। प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय, समानता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य हर परिवार को सम्मानजनक जीवन, बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के अनुरूप प्रदेश सरकार ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र वाल्मीकि समुदाय के सफाई कर्मियों को पक्का मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम होनी चाहिए और परिवार के पास अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों को उचित मान-सम्मान और समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृष्णा नगर में लंबे समय से रह रहे परिवारों और वहां स्थित मकानों की गणना की जाएगी। इन परिवारों के कल्याण के लिए योजना बनाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के सभी सदस्य उनके परिवार का हिस्सा हैं और सरकार उनके कल्याण एवं उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कृष्णा नगर में मेडिकल कैंप का शुभारंभ भी किया।