26 अक्तूबर: तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने युवाओं और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे डिग्री और अंकों तक सीमित न रहें, बल्कि रचनात्मकता, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और समाज की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी काम करें। उन्होंने कहा कि रिसर्च और इनोवेशन के माध्यम से ही भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल कर सकता है।
राजेश धर्माणी सोमवार को हमीरपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के सभागार में मिनर्वा स्टडी सर्कल के टैलेंट सर्च एग्जाम-2026 ‘हिल क्वैस्ट’ के मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उनका उपयोग समाज और देश की समस्याओं को हल करने के लिए किया जाए। प्रदेश और देश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कुशल एवं प्रतिभाशाली मानव संसाधन की आवश्यकता है, जो अपनी सोच और नवाचार से सकारात्मक बदलाव ला सकें। उन्होंने मिनर्वा स्टडी सर्कल के प्रयासों की सराहना भी की।
मंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे जीवन में असफलताओं से घबराने के बजाय निरंतर मेहनत करें और रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। सफलता प्राप्त करने के बाद देश और समाज के विकास में भी योगदान दें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इनका सदुपयोग करना चाहिए, लेकिन पूरी तरह इन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। तकनीक के इस्तेमाल से उनकी रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर रही है। विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण और विदेशों में एक्सपोजर विजिट के अवसर उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अलावा, प्रदेश में सीबीएसई स्कूल स्थापित किए गए हैं, ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलें और वे अन्य प्रतिष्ठित स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।
समारोह के दौरान राजेश धर्माणी ने ‘हिल क्वैस्ट-2026’ में प्रदेशभर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया। इससे पहले मिनर्वा स्टडी सर्कल के संचालकों राकेश चंदेल, प्रवेश चंदेल और संस्थान की टीम ने मंत्री, अन्य अतिथियों, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी दी।