26 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 23 अक्तूबर को कर्मचारियों और पेंशनरों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) इसी महीने से देने की घोषणा का समिति स्वागत करती है। हालांकि, बकाया महंगाई भत्ते और छठे वेतन आयोग की देनदारियों को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट निर्णय नहीं लिए जाने पर समिति ने कड़ी नाराजगी जताई है।
उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2023 से देय 1 प्रतिशत और 1 जनवरी 2024 से देय 4 प्रतिशत महंगाई भत्ते के एरियर की 31 अक्तूबर 2026 तक अदायगी को लेकर अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसके अलावा पिछले 196 महीनों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के एरियर के भुगतान पर भी सरकार ने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। इससे पेंशनरों में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है।
सुरेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के करीब चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन पेंशनरों को छठे वेतन आयोग की देनदारियां देने के मामले में सरकार की ढुलमुल नीति चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने बताया कि संयुक्त संघर्ष समिति ने 18 सितंबर 2026 को बिलासपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद सरकार को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। समिति ने सरकार से 15 दिन के भीतर मांगों पर निर्णय लेने और प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाने का आग्रह किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने के बजाय केवल 5 प्रतिशत की किस्त देकर कर्मचारियों और पेंशनरों की उम्मीदों को झटका दिया है। उनके अनुसार, महंगाई के मौजूदा दौर में यह राहत पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने को बड़ी सौगात बताकर प्रचारित कर रही है, जबकि अभी भी 10 प्रतिशत महंगाई भत्ता और 196 महीनों का एरियर बकाया है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष ने उन कर्मचारी नेताओं और कुछ स्वयंभू पेंशनर नेताओं की भी आलोचना की, जो सरकार के इस फैसले के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठनों के नेताओं को सरकार का गुणगान करने के बजाय कर्मचारियों और पेंशनरों के अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। सरकार के वित्तीय संकट का हवाला देकर कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज देनदारियों को टालना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि एचआरटीसी, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और कॉरपोरेट सेक्टर के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को अभी तक सरकारी कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का लाभ नहीं मिला है। एचआरटीसी के पेंशनरों को महंगाई राहत की पिछली 3 प्रतिशत किस्त और छठे वेतन आयोग के तहत 50 हजार रुपये की पहली किस्त का भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इन कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारियां लंबित हैं, तो उनके हितों की पैरवी करने वाले नेता सरकार के फैसले का एकतरफा समर्थन क्यों कर रहे हैं।
सुरेश ठाकुर ने सरकार से दिवाली से पहले बकाया 10 प्रतिशत महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की किस्तें जारी करने तथा 196 महीनों के एरियर का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसका लाभ सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, पेंशनरों और बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों तथा कॉरपोरेट सेक्टर के पेंशनरों को भी मिलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि समिति की ओर से मांगों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। भूप राम वर्मा के नेतृत्व में समिति की टीम सोलन और सिरमौर जिलों का दौरा कर रही है। चंबा के बाद 28 अक्तूबर को धर्मशाला ब्लॉक की बैठक धर्मशाला में, 30 अक्तूबर को रैत ब्लॉक की बैठक लडवाड़ा में और 1 नवंबर को शाहपुर सिटी यूनिट की बैठक शाहपुर में आयोजित की जाएगी। इसके बाद नवंबर के पहले सप्ताह में मंडी और कुल्लू जिलों में बैठकें की जाएंगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार 10 नवंबर 2026 तक समिति के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाती और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो 12 नवंबर से संयुक्त संघर्ष समिति के 18 संगठन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
समिति ने एचआरटीसी पेंशनरों को कुल 8 प्रतिशत महंगाई राहत देने और अन्य बोर्डों, विश्वविद्यालयों तथा कॉरपोरेट सेक्टर के पेंशनरों को भी 5 प्रतिशत महंगाई राहत जारी करने की मांग की है। इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और नकदीकरण अवकाश का भुगतान करने की मांग उठाई गई है।
सुरेश ठाकुर ने क्लास-I और क्लास-II अधिकारियों को 50 प्रतिशत पेंशन एरियर देने, 1 जनवरी 2016 से अब तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन एरियर का भुगतान करने और 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के कम्यूटेशन संबंधी आदेशों को दोबारा जारी करने की मांग भी की। उन्होंने कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए वर्ष 1999 की पेंशन अधिसूचना को पुनर्जीवित करने और बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया, तो धर्मशाला में विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही पिछले वर्ष की तरह इस बार भी विधानसभा का घेराव किया जाएगा। सुरेश ठाकुर ने सरकार से अपील की कि टकराव की स्थिति समाप्त करने के लिए निर्वाचित कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया जाए और उनकी मांगों का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर पेंशनर्स आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे, जिसका असर आगामी चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।