24 अक्तूबर: उद्योग विभाग की ओर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और गति देने के उद्देश्य से रैम्प योजना के तहत सोलन में एक दिवसीय साझेदार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 60 से अधिक उद्यमियों और हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल व्यापार, आधुनिक तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से व्यवसाय को आगे बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
जिला उद्योग केंद्र सोलन के महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर ने उद्यमियों को प्रदेश सरकार की ओर से उद्योगों के विकास के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और उद्योग केंद्रित आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से उद्यम अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में भी सक्षम हो सकते हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ऋषभ श्याम और पुनीत कुमार ने विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की। इस दौरान ग्रीन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंसिंग फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GIFT) तथा स्कीम फॉर प्रमोशन एंड इन्वेस्टमेंट इन सर्कुलर इकोनॉमी (SPICE) योजनाओं के तहत उपलब्ध सहायता और अवसरों पर चर्चा की गई। इसके अलावा सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर पंजीकरण और सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के बारे में भी उद्यमियों को विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधानों और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से उद्योगों की कार्यक्षमता, उत्पादकता, ब्रांड प्रचार और बाजार तक पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अपने व्यवसाय को अधिक प्रभावी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में उद्यमियों की शंकाओं का समाधान किया गया। साथ ही सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने और कारोबार के विस्तार को लेकर मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी सहायता, डिजिटल व्यापार और आधुनिक तकनीकी समाधानों से जोड़ना तथा उनके सतत विकास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ावा देना रहा।