सोलन में 5,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में हो रही ब्लूबेरी की खेती, 188 किसानों को लाभ पहुंचाने की तैयारी

24 अक्तूबर: उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने धारों की धार में प्रगतिशील बागवान करण सिंह द्वारा स्थापित ब्लूबेरी फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन इकाई का दौरा किया। वर्ष 2025 में स्थापित इस इकाई में आधुनिक तकनीक के माध्यम से ब्लूबेरी की खेती की जा रही है। सोलन जिला में अब तक बागवानी विभाग द्वारा ब्लूबेरी की छह प्रदर्शन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। इनके माध्यम से 5,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में संरक्षित वातावरण के तहत ब्लूबेरी का उत्पादन किया जा रहा है।

यह प्रदर्शन इकाई एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत बागवानी विभाग के सहयोग से स्थापित की गई है। 800 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस इकाई में मृदाविहीन माध्यम (Soilless Media) के जरिए ब्लूबेरी के 600 पौधे लगाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पौधों की वृद्धि और प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया।

उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन जिले की जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उच्च मूल्य वाली फल फसलों की खेती बागवानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिकी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और संरक्षित खेती के माध्यम से बागवानी में विविधीकरण की अपार संभावनाएं हैं।

जिले में ब्लूबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए बागवानी विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त उद्यान प्रदर्शन केंद्र गौड़ा में भी ब्लूबेरी की प्रदर्शन इकाई स्थापित की गई है। इन पहलों का उद्देश्य बागवानों को आधुनिक उत्पादन तकनीकों से परिचित करवाना और उन्हें लाभकारी फल फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।

हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना के तहत सोलन जिले में ब्लूबेरी की खेती का विस्तार करने की योजना है। इसके अंतर्गत लगभग 188 किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से करीब 35 हेक्टेयर क्षेत्र को ब्लूबेरी की खेती के तहत लाने का प्रस्ताव है।

प्रदेश सरकार हिमाचल को फल राज्य बनाने और किसानों-बागवानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश की जलवायु के अनुकूल फल उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आधुनिक उत्पादन तकनीकों, संरक्षित खेती और तकनीकी एवं वित्तीय सहायता से ब्लूबेरी को सोलन जिले में एक प्रमुख उच्च मूल्य वाली फल फसल के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस पहल से जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने, किसानों के लिए आय के नए अवसर सृजित होने और बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर जिला शिकायत निवारण समिति के सदस्य शिव कुमार, उद्योग विभाग सोलन की उपनिदेशक डॉ. शिवाली ठाकुर, बागवानी विभाग की सोलन एवं कंडाघाट स्थित विषय विशेषज्ञ शकुन राणा तथा प्रगतिशील बागवान करण सिंह और सुरिंदर ठाकुर भी उपस्थित रहे।

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