05 फरवरी : हिमाचल प्रदेश में बिजली व्यवस्था को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस नई तकनीक के लागू होने से प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक हो जाएगी। स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को हर 15 मिनट में बिजली खपत से संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इसकी सूचना बिना किसी शिकायत के सीधे अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
बिजली बोर्ड द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और सीधे सर्वर से जुड़े रहेंगे। ये मीटर रियल टाइम में बिजली खपत का डाटा भेजेंगे। यदि किसी क्षेत्र में अचानक बिजली आपूर्ति बंद होती है, तो संबंधित अधिकारियों को स्वतः इसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद फील्ड स्टाफ को तुरंत सूचना भेजी जाएगी, जिससे समय रहते बिजली व्यवस्था बहाल की जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।
स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग और अनुमानित रीडिंग जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडर को घर-घर जाकर रीडिंग लेने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और उपभोक्ताओं को सटीक व समय पर बिजली बिल प्राप्त हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से बिजली चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। यदि किसी मीटर में असामान्य बिजली खपत या छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं, तो सिस्टम से तुरंत अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे बोर्ड समय रहते कार्रवाई कर सकेगा और राजस्व नुकसान रोका जा सकेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और अब तक राज्य के साउथ जोन में करीब साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।