5 अक्तूबर: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने वाली चंबा की अंतरराष्ट्रीय धाविका सीमा कुमारी का रविवार को गृह जिला पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। विश्वस्तरीय एथलीटों के बीच तिरंगा लहराने वाली पहाड़ की इस बेटी के सम्मान में जगह-जगह जश्न का माहौल रहा।
रविवार दोपहर सीमा कुमारी के चंबा के उदयपुर पहुंचने पर एक निजी स्कूल परिसर में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने और पदक जीतने के अपने अनुभव लोगों के साथ साझा किए। अपने स्वागत से अभिभूत सीमा कुमारी ने कहा कि जब वह अन्य राज्यों की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर लौटने पर भव्य स्वागत पाते देखती थीं, तो उनके मन में भी ऐसा ही सपना था। आज मिले प्यार और सम्मान से वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का यह प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
उदयपुर में अभिनंदन स्वीकार करने के बाद रविवार शाम सीमा कुमारी अपने पैतृक गांव रेटा के लिए रवाना हुईं। गांव की सीमा में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर अपनी लाडली बेटी का जोरदार स्वागत किया। गांव से लेकर उनके घर के आंगन तक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
घर की चौखट पर पहुंचते ही सीमा की मां केसरी देवी और भाई राज कुमार ने गर्व के साथ उनका स्वागत किया। यह पल परिवार और ग्रामीणों के लिए बेहद भावुक रहा।
सीमा कुमारी की इस उपलब्धि से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सीमा ने चंबा और हिमाचल का गौरव बढ़ाया है। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने पहाड़ की अन्य बेटियों के लिए भी सफलता की नई राह दिखाई है।