कृषि अधिकारियों को रिमोट सेंसिंग और ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण, सुंदरनगर में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित

1 अक्तूबर: कृषक प्रशिक्षण केन्द्र, सुंदरनगर में कृषि विभाग, हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से कृषि में रिमोट सेंसिंग (दूरसंवेदन) एवं ड्रोन तकनीक के उपयोग पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेश कुमार रहे। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत 19 कृषि अधिकारियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को रिमोट सेंसिंग और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना तथा फसल निगरानी, संसाधन प्रबंधन और तकनीक आधारित कृषि कार्यों के लिए उनकी क्षमता विकसित करना था।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल और उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश जंजीहा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। डॉ. जंजीहा ने कृषि क्षेत्र में रिमोट सेंसिंग और ड्रोन तकनीक की उपयोगिता एवं भूमिका की जानकारी दी। प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने इन तकनीकों के इतिहास, विकास और मूलभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।

संसाधन व्यक्ति डॉ. भुवनेश्वर ने रिमोट सेंसिंग के प्रमुख तत्वों, Google Earth के उपयोग और कृषि क्षेत्र में इसके अनुप्रयोगों की जानकारी दी। उन्होंने फसलों की निगरानी तथा खेत, फसल और मिट्टी की स्थिति के आकलन में रिमोट सेंसिंग के उपयोग को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

प्रशिक्षण के दौरान ईफ्फको के सहयोग से बीज गुणक फार्म, औहर, जिला बिलासपुर का भ्रमण भी करवाया गया। यहां अधिकारियों को कृषि में ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और संचालन का प्रदर्शन करवाया गया तथा ड्रोन चलाने का अभ्यास भी कराया गया।

अभिलाषी विश्वविद्यालय, चैल चौक, जिला मंडी के निदेशक (आईटी, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट) कुनाल सूद ने रिमोट सेंसिंग से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण एवं व्याख्या, इसके लाभ तथा कृषि में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) के अनुप्रयोगों की जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और कृषि विभाग में आधुनिक तकनीकों को अपनाने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर चर्चा की।

समापन अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के लाभ और अनुभवों पर संवाद किया तथा सभी प्रतिभागियों, संसाधन व्यक्तियों और प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रभावी ढंग से अपनाने पर बल दिया।

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